गले में मां की तस्वीर लटकाए ईडी दफ्तर पहुंचे हरीश रावत
काँग्रेस नेता हरीश रावत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आक्रामक अंदाज में नजर आ रहे हैं। जिस तरह से हरीश रावत लगातार खबरों में बने हुए हैं, उस तरह तो उनकी पार्टी कांग्रेस भी नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस में अपने सभी पदों से इस्तीफा की बात कहने के बाद हरीश रावत एक बार फिर लाइमलाइट में हैं।
दरअसल कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत 26 सितंबर यानी शनिवार को प्रर्वतन निदेशालय के कार्यालय पहुंचे। जब हरीश रावत यहां पर पहुंचे तो उन्होंने अपने गले में अपनी मां की तस्वीर को लटकाया हुआ था। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने अपनी माता जी की तस्वीर अपने गले में क्यों लटकाई है तो उन्होंने कहा कि उन्हें दो दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय ने नोटिस भेजा था। उसी का जवाब देने के लिए वह यहां पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने बताया कि मुझे परिवार के बारे में कहा गया था तो मैं अपनी मां के साथ ईडी के बुलावे पर उनके दफ्तर पहुंचा हूं।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी जारी किया। उन्होंने इस वीडियो में कहा कि ईडी ने उन्हें दो पहले एक नोटिस भेजा था। मामले की बात करते हुए उन्होंने कहा कि शायद ईडी ने उन्हें 2016 के एक प्रकरण में बुलाया है। इस प्रकरण का वास्ता हरीश रावत के पूर्व ओएसडी चंदन जीना के घर मारे गए छापे से है।
हरदा ने कहा कि पहले जीना के घर छापा मारा गया था, अब मुझे पेश होने के लिए कहा गया है। हरदा ने कहा कि ईडी ने मुझसे दुनियाभर के कागज मंगाए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें मेरे परिवार को भी शामिल किया गया है। हरदा ने सवाल उठाए कि परिवार का आशय क्या है, मुझे पता नहीं था। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं मालूम कि परिवार की परिभाषा में कौन-कौन शामिल होंगे। इसलिए मैं अपनी मां की तस्वीर के साथ आया।
बता दें कि हाल में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी और पीए रहे चंदन सिंह जीना पर ईडी ने एक्शन लिया था। ईडी की छापेमारी में जीना के घर से लाखों का कैश बरामद हुआ था। बताया गया कि यह कार्रवाई उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षा में धांधली को लेकर कई गई है। यह भर्ती 2016 की बताई जा रही है। उस समय हरीश रावत प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।
अब हरीश रावत दिल्ली से स्वास्थ्य लाभ लेकर देहरादून लौटे हैं तो वह राजनीतिक रूप से भी एक्टिव हो गए हैं। वह न सिर्फ दौरे कर रहे हैं बल्कि लगातार बयानबाजी देने में भी जुटे हुए हैं। अब हरीश रावत इस खास अंदाज में ईडी कार्यालय पहुंचे हैं तो ये भी उनका राजनीति का एक और दांव नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि इस पूरे मामले में क्या होता है? और कांग्रेस इस मामले को किस रूप में आगे लेकर जाती है।
