मैं आत्महत्या कर लूंगा, क्यों बोले उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री?
खजान दास
उत्तराखंड के समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने अपने पद से इस्तीफा देने की धमकी दी है बल्कि उनका तो यहां तक कहना है कि उन पर लगे आरोप एक फीसद भी सही हुए तो वो आत्महत्या कर देंगे। खजान दास ने 20 सितंबर यानी रविवार को तब ये बयान दिया, जब उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन पर गड़बड़ी होने के आरोप लगाए। खजान दास के इस बयान के बाद उत्तराखंड का सियासी पार गरमा गया है।
मामला क्या है?
समाज कल्याण मंत्री खजानदास का ये बयान उन आरोपों के बाद आया है जो खुद उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन पर लगाए। दरअसल भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चकराता क्षेत्र में भारी गड़बड़ी हुई है। कार्यकर्ताओं ने मंत्री पर अनदेखी का आरोप भी लगाया। कार्यकर्ता यहीं तक नहीं रुके। उन्होंने इसके विरोध में अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया। खजान दास पर समाज कल्याण विभाग की योजनाओं में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगे हैं।
बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं में माननीय मंत्री जी उन्हें प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं बल्कि कांग्रेस से जुड़े लोगों को इसका लाभ दिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उन्होंने इसको लेकर कैबिनेट मंत्री से बातचीत भी की लेकिन मंत्री की तरफ से उनकी शिकायतों का कोई समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि जब मंत्री जी ने उनकी नहीं सुनी तो उन्हें मजबूरन धरना प्रदर्शन करना पड़ा। इसी के बाद कार्यकर्ता खजान दास के आवास के बाहर धरने पर बैठे।
कैबिनेट मंत्री खजान दास के घर के बाहर धरना प्रदर्शन करने वालों में विकासनगर से बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पत्नी मधु चौहान भी शामिल थीं। आरोप लगाए गए हैं कि 11 सितंबर को अनुसूचित जाति उप योजना (SCSP) और जनजाति उप योजना (TSP) से जुड़ी योजनाओं की एक सूची जारी की गई थी। अब कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस सूची में बीजेपी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की बजाय दूसरों को वरीयता दी गई। कार्यकर्ताओं ने खजान दास पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए।
जब यह बात खजान दास तक पहुंची तो उन्होंने इस पर गहरा दुख व्यक्त किया। खजान दास ने कहा कि अगर उन पर भ्रष्टाचार के आरोप साबित होते हैं तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उन पर आरोप एक फीसदी भी सच साबित होते हैं तो वह आत्महत्या भी कर लेंगे। खजान दास ने सफाई पेश करते हुए कहा कि वह पूरे प्रदेश के मंत्री हैं। उन्हें जिन भी क्षेत्रों से योजनाओं के प्रस्ताव मिले, उन्होंने उसी आधार पर योजनाओं को स्वीकृत भी किया। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।
बता दें कि खजान दास राजपुर सीट से बीजेपी के विधायक हैं। उनके पास सरकार में सामाजिक कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और भाषा कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी है। उन्हें मार्च 2026 में जब कैबिनेट में बदलाव किए गए थे, तब ये जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। खजान दास बीजेपी के न सिर्फ वरिष्ठ विधायक हैं बल्कि वह पार्टी के प्रमुख दलित चेहरा भी हैं।
ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं की तरफ से ही उनके खिलाफ मोर्चा खोलना आने वाले दिनों में दिक्कत पैदा कर सकता है। चुनावी साल में भारतीय जनता पार्टी नहीं चाहेगी कि उसके कार्यकर्ता नाराज रहें। अब देखना होगा कि नाराज कार्यकर्ताओं को खुश करने के लिए बीजेपी सरकार या फिर खजान दास क्या करते हैं?
