इन्वेस्टर समिट पर सरकार, भ्रामक खबरों से बचें, एक लाख करोड़ की ग्राउंडिंग हुई
उत्तराखंड में 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हुआ था। इस समिट में आए निवेश को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरें चल रही हैं। इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने इन्हें भ्रामक बताया। उन्होंने जानकारी दी कि एक लाख करोड़ से अधिक निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। जिसका पूरा डाटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अगले 24 हजार करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग की तैयारी भी चल रही है। जल्द ही इसके लिए चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में जो भी निवेश आया है, उसमें पारदर्शी निवेश प्रक्रिया को अपनाया गया है। इसके साथ ही उद्योग विभाग और सिंगल विंडो पोर्टल पर पूरी जानकारी दी गई है।
क्या है मामला?
उत्तराखंड इन्वेस्टर समिट को लेकर चर्चा तब शुरू हुई जब न्यूजलॉन्ड्री नाम के प्लेटफॉर्म ने इन्वेस्टर समिट में आए निवेश को लेकर जानकारी इकट्ठा की। न्यूजलॉन्ड्री ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि समिट में आए जिस एक लाख करोड़ रुपए के निवेश की ग्राउंडिंग की बात कही जा रही है, उसमें आटा चक्की और मोबाइल शॉप का नाम दिया गया है।
न्यूजलॉन्ड्री की यही रिपोर्ट अब सोशल मीडिया पर शेयर होने लगी है। सोशल मीडिया पर शेयर हो रही इन्हीं खबरों को लेकर उद्योग सचिव ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने इन खबरों को न सिर्फ भ्रामक बताया बल्कि आटा की चक्की और मोबाइल शॉप का नाम आने का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि क्या आटे की चक्की और मोबाइल शॉप खुलना निवेश नहीं है क्या? पांडे ने कहा कि इन्वेस्टर समिट में जो भी निवेश आया है, उसकी ग्राउंडिंग को लेकर हर एक डिटेल सार्वजनिक रूप से मौजूद है।
क्या बोले उद्योग सचिव?
उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने कहा कि तथ्यों की पूरी जानकारी के बिना निवेश को लेकर भ्रामक धारणा नहीं बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए लगातार काम किया है। इसी का परिणाम है कि अब तक एक लाख एक हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।
कहां मिलेंगे आंकड़े?
उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने कहा कि दिसंबर 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन हुआ था। इस दौरान लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपए के निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुए थे। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए समय-समय पर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की गई।
उन्होंने जानकारी दी कि निवेशकों की सहायता के लिए निवेश मित्रों की व्यवस्था की गई। पांडे ने जानकारी दी कि निवेश से संबंधित सभी आंकड़े उद्योग विभाग, यूके स्पाइस और सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। यहां पर परियोजनाओं, संबंधित विभागों एवं उनके स्थान सहित दूसरी महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाएगी।
विनय शंकर पांडे ने बताया कि निवेश को लेकर आठ महीने पहले भी सवाल उठाए गए थे। तब भी सरकार की तरफ से तथ्यों के साथ जवाब दिया गया था। उन्होंने बताया कि सरकार ने भी समय-समय पर सदन में निवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि ऐसे में तथ्यों की अनदेखी कर सवाल उठाना अनुचित नहीं है।
कारोबार कारोबार होता है
उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने उन दावों पर भी सवाल उठाए जिनमें कहा गया था कि आटे की चक्की और मोबाइल शॉप खोले गए हैं। इस पर उन्होंने कहा कि आटा चक्की, मोबाइल दुकान या अन्य छोटे व्यवसाय को निवेश की श्रेणी में शामिल करने पर सवाल उठाना सही दृष्टिकोण नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई स्थानीय व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से 10 रुपए का निवेश करके भी व्यवसाय शुरू कर रहा है।
अगर उस निवेश से दो लोगों को भी रोजगार मिल रहा है तो यह भी राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और उनके लिए अनुकूल वातारण तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उद्योग सचिव ने कहा कि उत्तराखंड सरकार निवेश को लेकर प्रतिबद्ध है। सरकार निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता अपना रही है। उद्यमियों को जरूरी सहयोग मुहैया किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।
