केदारनाथ में एक बच्चे का ‘मोदी-मोदी’ जाप फनी नहीं, खतरनाक है!

केदारनाथ में मोदी-मोदी करने वाला बच्चा

आजकल सोशल मीडिया पर एक बच्चा खूब वायरल हो रहा है। ये बच्चा केदारनाथ में एक चट्टान पर बैठकर मोदी-मोदी जप रहा है। और इससे पहले वह एक दुकानदार को लाठी से भांज चुका है क्योंकि उस दुकानदार ने बच्चे के हाथ में राजनीतिक झंडा थमाने का विरोध किया था। ये पहली बार नहीं है जब ये बच्चा वायरल हो रहा हो। इससे पहले भी इस बच्चे के कई वीडियोज वायरल हो चुके हैं, जिसमें यह मोदी-मोदी के नारे लगा रहा है। वायरल हो रहे इस बच्चे का नाम यश सिंह ऊर्फ भवानी सिंह है।

कई लोग इसे बाल संत कहकर भी पुकारते हैं। ये बच्चा अपने पिता सुरजीत के साथ घूमता है। करीब 4 साल 8 महीने का यह बच्चा तब सुर्खियों में आया था, जब ये बच्चा वृंदावन से पैदल चलकर अयोध्या पहुंचा था। ये बच्चा जहां भी जाता है, वहां बार-बार मोदी-मोदी के नारे लगाता है। बीच-बीच में जय श्री राम भी बोलता है। बच्चा भगवे कपड़े में दिखता है। चंदन लगाता है और पैदल यात्रा करता है। इस बार ये बच्चा केदारनाथ की पैदल यात्रा पर था। अपने पिता सुरजीत के साथ ये केदारनाथ पहुंचा था। और यहीं से ये दो वीडियो निकलकर आए। अब इस पूरे वाकिए पर बात करने से पहले मेरा एक सवाल आपसे है। क्या आपको बच्चे की ये हरकतें क्यूट लगती हैं? या फिर गुस्सा और चिंता होती है? अगर आपका जवाब है कि यह क्यूट है तो फिर आपको आत्ममंथन करने की जरूरत है। क्योंकि ये कतई क्यूट नहीं है। एक बच्चे का मोदी-मोदी के नारे लगाना। वो भी केदारनाथ जैसे धाम में… ये क्यूट नहीं बल्कि वो शिक्षा है जो बच्चे का भविष्य बर्बाद करने की ताकत रखती है।

इस बच्चे का नाम भवानी सिंह है। इस रिपोर्ट के मुताबिक यह बच्चा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान मानता है। वृंदावन, मथुरा से अयोध्या की गलियों तक यह बच्चा पैदल नाप चुका है। अब इस बच्चे का योगी आदित्यनाथ और मोदी को भगवान मानना क्यों खतरनाक है और कैसे ये बच्चा इस पूरे खेल में सिर्फ एक कठपुतली है, वो भी जानेंगे लेकिन पहले उस वायरल घटना के बारे में जान लेते हैं, जहां ये बच्चा एक दुकानदार को लाठियों से पीटता दिख रहा है।

पिछले दिनों ये वीडियो खूब वायरल हुआ था। इस वीडियो में जो दिख रहा है, उसके पीछे की कहानी भी जान लीजिए। दुकानदार का कहना है कि उसने भाजपा का झंडा थामे बच्चे को उसे उल्टा पकड़ने पर टोका था। इस पर बच्चे के साथ आए सुरजीत व्लॉग्स जो कि बच्चे का पिता भी है, उसने बच्चे को उकसाया और दुकानदार को गाली देने के लिए कहा।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि सुरजीत व्लॉग्स बच्चे को बार-बार मारने के लिए उकसा रहा है। बच्चा गालियां दे रहा है। अब यहां पर दुकानदार बच्चे को एक थप्पड़ झड़ देता है और वह नीचे गिरकर रोने लग जाता है। इस पर वहां भीड़ जमा हो जाती है। अब इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि बच्चे को थप्पड़ किसी भी सूरत में नहीं मारा जाना चाहिए था। लेकिन चिंता तब बढ़ने लगती है जब भीड़ में खड़ा एक व्यक्ति बच्चे के गाली देने को नॉर्मलाइज कर रहा है।

वो कह रहा है कि बच्चे ने गाली दी तो क्या हुआ? क्या हुआ? एक चार साल का बच्चा अगर गालियां दे रहा है तो ये उसकी परवरिश पर बहुत बड़ा सवाल उठा रहा है। यहां पर बच्चा गाली दे रहा है तो क्या हुआ? सवाल नहीं होना चाहिए था… यहां पर बच्चे के पिता से पूछा जाना चाहिए था कि क्या यही संस्कार वो अपने बच्चे को देना चाहता है?

खैर, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। दोनों ने एक-दूसरे से माफी भी मांग ली और ये मामला खत्म हो गया। लेकिन जो खत्म नहीं हुआ, वो है सुरजीत नाम के शख्स का अपने बेटे को लाइक्स और व्यूज बटोरने के लिए हथियार  बनाना। बाप की लाइक्स और व्यूज की इसी सनक का नतीजा है ये दूसरा वीडियो। इस वीडियो में बच्चा एक चट्टान पर बैठकर मोदी-मोदी नाम का जप कर रहा है। अब कुछ लोग कहेंगे ये तो बड़ा क्यूट है और मोदी-मोदी जप रहा है तो क्या दिक्कत है।

अरे भई… यही सबसे बड़ी दिक्कत है कि ये बच्चा केदारनाथ जैसे धाम में पहुंचकर भी मोदी-मोदी का नाम जप रहा है। देखिए आप मोदी जी के कितने भी बड़े भक्त क्यों ना हों लेकिन आप केदारनाथ धाम तक पैदल यात्रा इसलिए तो नहीं करेंगे ना  क्योंकि वहां जाकर आपको मोदी-मोदी जपना है? पहले तो देखिए कोई भी इंसान (फिर चाहे वो मोदी जी ही क्यों ना हों) भगवान केदार से बड़ा नहीं हो सकता।

इस धाम में आप भगवान केदार का नाम जपने को आते हैं ना कि किसी इंसान का। और दूसरी बात, 4 साल के बच्चे का मोदी-मोदी जपना, कोई भक्ति या क्यूटनेस नहीं है… ये उसके बाप का फॉर्मूला है वायरल होने का और व्यूज बटोरने का। बच्चे का बाप समझ चुका है कि अगर वह अपने बेटे को भगवा वस्त्र पहना लेगा। उससे मोदी-मोदी, योगी-योगी करवाएगा तो वो वायरल हो जाएगा।… लेकिन क्या इससे आप और हमें चिंता नहीं होनी चाहिए?

 एक छोटा सा बच्चा जिसके हाथ में किताब होनी चाहिए थी… आज उसके हाथ में लाठी है… जिसकी जुबान पर ABCD होना चाहिए था… उसकी जुबान पर गालियां हैं। और वो ए फॉर एप्पल और बी फॉर बॉल की बजाय मोदी-मोदी के नारे लगा रहा है। एक चार साल का बच्चा जो योगी और मोदी क्या हैं, क्यों हैं? कैसे हैं? कुछ भी नहीं जानता… उससे इनके नाम के नारे लगवाए जा रहे हैं। उसे स्कूल की किताबें पकड़ाने की बजाय राजनीतिक पार्टी का झंडा पकड़ाया जा रहा है। ये बच्चे के बचपन को छीनना नहीं है तो क्या है। 

अब सवाल ये नहीं है कि बच्चा क्या कर रहा है। सवाल ये है कि उसे ये सब सिखा कौन रहा है? एक रील, दो रील और कुछ लाख व्यूज के लिए एक बच्चे का पूरा भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है। आज भले ही आपको ये वीडियो शायद फनी लगे लेकिन जरा सोचिए कि ये हरकतें बच्चे के अंदर क्या शिक्षा निहित कर रहे हैं। बाप 4 साल के बच्चे को सिखा रहा है कि तू गाली दे। किसी को डंडे से मार। और उस बालमन को लगेगा कि जब पिता कह रहा है तो सही ही होगा। नतीजा- कल जब ये बच्चा बड़ा होगा।

तब उसे लगेगा कि गाली देना नॉर्मल है। उसे लगेगा की मारपीट करना सही है। और इस तरह की घटनाओं में उसकी प्रशंसा होगी तो उसे लगेगा कि गलत काम करने पर भी लोग ताली बजाते हैं। और इस तरह वो बच्चा जो आज कैमरे के लिए लाठी चला रहा है, कल असल जिंदगी में लाठी चलाएगा।… और तब तक शायद बहुत देर हो चुकी होगी। अगर आप एक माता-पिता हैं तो याद रखिए कि आपका बच्चा आपका “कंटेंट” नहीं है। वो आपकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। आप उसे क्या सिखा रहे हैं यही तय करेगा कि वो कल क्या बनेगा।

क्योंकि ये वीडियो वायरल होंगे। कुछ दिन चर्चा का विषय बने रहेंगे और फिर सबकुछ भुला दिया जाएगा लेकिन बचपन पर पड़े गलत असर पूरी जिंदगी नहीं जाते। उस बालमन पर जो भी आज आप छापोगे, कल उसकी ही झलकियां आपके सामने आएंगे। अब फैसला आपके हाथ में है—आप बच्चे को “स्टार” बनाना चाहते हैं या फिर इंसान? अगर आपका जवाब- इंसान बनाना है। तो इस बच्चे की इन हरकतों को बढ़ावा मत दीजिए। सुरजीत व्लॉग्स को कमेंट्स में जाकर बताइए कि इस तरह बच्चों की परवरिश नहीं की जाती। और बच्चे का भविष्य मोदी-मोदी, योगी-योगी करने से नहीं बल्कि सही शिक्षा और सही संस्कार से बनेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *