LPG बुकिंग के नाम पर ठगी का गेम, एक गलती और अकाउंट खाली

LPG स्कैम

LPG स्कैम

मध्य पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग ने पूरी दुनिया के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। इस युद्ध की वजह से भू-राजनीतिक तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। परिणाम ये हो रहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर कई तरह की चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। भारत भी इस संकट से अछूता नहीं है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने की वजह से भारत में भी रसोई गैस की कमी के हालात हो गए। अब भले ही सीजफायर की बात कही जा रही है लेकिन जब तक यह युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक चुनौतियां बनी रहेंगी। इस युद्ध की वजह से एक तरफ अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है तो दूसरी तरफ, जालसाज भी इस युद्ध के बहाने जालसाजी पर उतर आए हैं। एक तरफ कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से और आपूर्ति बाधित होने की वजह से लोगों की चिंता बढ़ गई है तो दूसरी तरफ, इस डर के माहौल को साइबर अपराधियों ने अपना हथियार बना लिया है।

अफवाहें और जालसाजी
अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से देश में एलपीजी की भारी किल्लत की खबरें आईं। कई शहरों में लोग सिलेंडर लेकर लंबी-लंबी लाइनों में खड़े रहे लेकिन फिर भी उन्हें रसोई गैस नहीं मिली। हालांकि धीरे-धीरे हालात में सुधार होने लगे हैं लेकिन अफवाहों का बाजार जरूर गर्म हो गया है। रसोई गैस की किल्लत होने की अफवाहें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं। इस कमी की वजह से कई लोग पीएनजी कनेक्शन ले रहे हैं तो कई इंडक्शन खरीद रहे हैं। लोगों के बीच इस अफरा-तफरी को देखते हुए साइबर ठगों ने डकैती करने का एक नया रास्ता तैयार कर लिया है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और गृह मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल ‘CyberDost’ ने हाल ही में एक पोस्ट किया। एक्स पर किए इस पोस्ट में एक गंभीर चेतावनी जारी की गई है। बताया गया है कि सोशल मीडिया पर कई फर्जी मैसेज वायरल हो रहे हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में जो हालात पैदा हुए हैं, उसकी वजह से भारत में एलपीजी की भारी कमी होने वाली है।

मैसेज हो रहा वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इन मैसेजों में लोगों को डराने के मकसद से अफवाह फैलाई जा रही है। इसमें कहा जा रहा है, “सावधान! आने वाले दिनों में एलपीजी सप्लाई पूरी तरह बंद हो सकती है। अपने कोटे का सिलेंडर सुरक्षित करने के लिए तुरंत नीचे दिए गए लिंक पर पंजीकरण करें, वरना आपका कनेक्शन काट दिया जाएगा।” अब पहली नजर में तो इस मैसेज में कुछ भी गड़बड़ नजर नहीं आता लेकिन जब आप इसे ध्यान से देखते हैं तो पता चल जाता है कि यह साइबर ठगों की एक चाल है। साइबर ठग इस मैसेज के माध्यम से आपका खाता खाली करना चाहते हैं। कई लोग बिना सोचे-समझे और डर के मारे इस मैसेज को सही मान लेते हैं। और बिना ध्यान से पढ़े, लिंक पर क्लिक भी कर लेते हैं। जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं तो आपकी गाढ़ी कमाई को लूटने का सिलसिला शुरू हो जाता है।

कैसे काम करता है LPG बुकिंग स्कैम?
साइबर ठग आम आदमी के डर का फायदा उठाता है। इस स्कैम के तहत ठग काफी सोची-समझी रणनीति अपनाते हैं। इस स्कैम को चार चरणों में अंजाम दिया जाता  है।

1. पैनिक क्रिएट करना: ठग जानते हैं कि रसोई गैस हर घर की बुनियादी जरूरत है। वे युद्ध या अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसी खबरों का सहारा लेकर लोगों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं।

2. फर्जी वेबसाइट या लिंक: मैसेज के साथ जो लिंक दिया जाता है, वह दिखने में बिल्कुल आधिकारिक गैस एजेंसी (जैसे इंडेन, एचपी या भारत गैस) की वेबसाइट जैसा लगता है। इसे फिशिंग पेज कहा जाता है।

3. डेटा और पैसे की चोरी: जैसे ही यूजर उस लिंक पर जाकर अपनी जानकारी भरता है, उसके नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर और सबसे महत्वपूर्ण—बैंकिंग डिटेल्स (OTP, CVV या पिन) ठगों के पास पहुंच जाते हैं। कई मामलों में, रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर मात्र 5 या 10 रुपए मांगे जाते हैं। आप भले ही 5 या 10 रुपए दे रहे होते हैं लेकिन इसकी मदद से आप ठगों को अपने बैंक अकाउंट का एक्सेस दे रहे होते हैं। इस छोटे से ट्रांजैक्शन की मदद से वे आपके खाते का एक्सेस प्राप्त कर लेते हैं।

बढ़ गई ठगी की शिकायतें
जब से मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़े हैं और इसकी वजह से देश में हालात चुनौतीपूर्ण हुए हैं, तब से साइबर क्राइम की शिकायतें बढ़ रही हैं। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर ऐसी कई शिकायतें आ रही हैं जिसमें एलपीजी के नाम पर ठगी होने की बात कही जा रही है। हेल्पलाइन पर ठगी की शिकायतों में अचानक 30 से 40 फीसदी तक का उछाल देखा जा रहा है। सिर्फ हेल्पलाइन पर नहीं बल्कि कई लोग फेसबुक और एक्स का सहारा ले रहे हैं। ये लोग इन प्लेटफॉर्म पर अपनी आपबीती सुना रहे हैं। यूजर बता रहे हैं कि कैसे उनकी एक छोटी सी गलती की वजह से उनका बैंक अकाउंट शून्य हो गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये एक प्रकार का सोशल इंजीनियरिंग हमला है। ठग जानते हैं कि जब इंसान डरा हुआ होता है तो उसकी तर्क करने की क्षमता कम हो जाती है।

कितनी है एलपीजी की किल्लत?
यहां यह समझना जरूरी है कि भारत के पास पर्याप्त मात्रा में एलपीजी का बफर स्टॉक मौजूद है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आने वाली है। मिडिल ईस्ट में तनाव के बावजूद, भारत के पास आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत और दीर्घकालिक अनुबंध हैं। इसलिए, सोशल मीडिया पर चल रही ‘किल्लत’ की खबरें महज अफवाह हैं। भले ही सरकार कुछ भी कहे लेकिन किल्लत होने की मामले में थोड़ी सच्चाई जरूर है। हालांकि कुछ दिन तक हुई दिक्कतों के बाद अब एलपीजी की सप्लाई सामान्य हो चुकी है। कम से कम घरेलू गैस के मोर्चे पर तो राहत मिल रही है। 

साइबर ठगों से कैसे बचें
अगर आप भी ऐसे किसी मैसेज को प्राप्त करते हैं, तो घबराने के बजाय इन कदमों का पालन करें:

  • आधिकारिक ऐप का ही करें इस्तेमाल: एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए हमेशा संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप (जैसे IndianOil ONE, HP Pay) या उनकी आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
  • अज्ञात लिंक्स से बचें: व्हाट्सएप या एसएमएस पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। भले ही वह आपके किसी परिचित ने ही क्यों न भेजा हो।
  • पेमेंट में सावधानी: सिलेंडर की बुकिंग के लिए कभी भी एडवांस में रजिस्ट्रेशन चार्ज देने की जरूरत नहीं होती। बुकिंग हमेशा सरकार द्वारा निर्धारित माध्यमों से ही करें।
  • वेबसाइट का URL चेक करें: किसी भी वेबसाइट पर अपनी बैंकिंग जानकारी डालने से पहले सुनिश्चित करें कि वह ‘https://’ से शुरू हो रही हो और उसमें एक ‘पैडलॉक’ (ताले का निशान) बना हो।
  • OTP कभी साझा करें: बैंक या गैस एजेंसी का कोई भी प्रतिनिधि आपसे कभी फोन पर ओटीपी (OTP) नहीं मांगेगा। बल्कि कोई भी व्यक्ति आपसे ओटीपी नहीं मांग सकता है। अगर कोई मांग रहा है तो समझ जाइए कि कुछ गड़बड़ है। याद रखिए ओटीपी एक ऐसी चीज है जो सिर्फ आपको जानने की जरूरत है। उसे आपको ना किसी के साथ शेयर करना और ना ही किसी को बताना है।

ठगी का शिकार होने पर क्या करें?

यदि अनजाने में आप किसी ऐसे स्कैम का शिकार हो जाते हैं या आपके खाते से अनाधिकृत पैसा कट जाता है, तो समय बर्बाद न करें। सबसे पहले तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। यह गोल्डन आवर में आपके पैसे को ठग के खाते में फ्रीज कराने में मदद कर सकता है। इसके बाद आप साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। जैसे ही आपको ठगी का पता चलता है तो अपने बैंक को तुरंत सूचना पहुंचा दें। और अपने कार्ड या नेट बैंकिंग सेवाओं को तुरंत ब्लॉक करवाएं। ताकि साइबर ठगी में आपका नुकसान और ज्यादा ना बढ़ जाए।

डिजिटल इंडिया के इस दौर में सुविधा जितनी बढ़ी है, जोखिम भी उतने ही बढ़ गए हैं। मिडिल ईस्ट का तनाव भौगोलिक रूप से हमसे दूर हो सकता है, लेकिन इसके नाम पर फैलने वाली अफवाहें आपके मोबाइल के जरिए आपकी जेब पर डाका डाल सकती हैं। सजगता ही सुरक्षा है। किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। याद रखें, एक जागरूक नागरिक ही डिजिटल इंडिया की सबसे मजबूत सुरक्षा दीवार है। सावधान रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे। 

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