यंग उत्तराखंड सिने अवॉर्ड्स में इस बार क्या है खास?
यंग सिने अवॉर्ड के लिए प्रेस कॉन्फ़्रेंस में संस्था के पदाधिकारी
उत्तराखंडी फिल्म जगत के सर्वश्रेष्ठ गीतों, फिल्मों एवं अभिनेता-अभिनेत्रियों को खोजने की पहल एक बार फिर शुरू हो गई है। 30 अगस्त को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारतमंडपम में यंग उत्तराखंड सिने अवार्ड्स 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस दिन न सिर्फ उत्तराखंड की बेस्ट फिल्म को पुरस्कार से नवाजा जाएगा बल्कि सर्वश्रेष्ठ गीत और संगीत को भी सम्मान प्राप्त होगा। उत्तराखंडी फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए एक और नई पहल की जा रही है।
इस समारोह में उत्तराखंड की बेस्ट फिल्म को एक लाख रुपए की नकद राशि भी पुरस्कार के रूप में प्रदान की जाएगी। अब अगर आप इस राशि को बॉलीवुड से मापकर देखेंगे तो बहुत छोटी नजर आती है लेकिन यह एक शुरुआत है उन फिल्ममेकर का सम्मान करने की और बढ़ावा देने की जो लाखों रुपए लगाकर उत्तराखंडी फिल्में बना रहे हैं। इनका सम्मान इसलिए भी जरूरी हो जाता है क्योंकि ये लोग फिल्मों को बहुत अधिक दर्शक न मिलने की आशंका के बावजूद लाखों रुपए खर्च करते हैं। इनामी राशि एवं कार्यक्रम के दूसरे प्रमुख मुद्दों पर 8 अगस्त यानी शनिवार को देहरादून में यंग उत्तराखंड संस्था द्वारा एक प्रेस वार्ता की गई। इसमें फिल्म एवं संगीत श्रेणी के नामांकनों की औपचारिक घोषणा की गई। इसके साथ ही मुख्य कार्यक्रम की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि इस वर्ष यंग उत्तराखंड लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से देवभूमि के प्रसिद्ध वयोवृद्ध अभिनेता विमल बहुगुणा को सम्मानित किया जाएगा। दूसरी तरफ, सुप्रसिद्ध लोकगायक एवं जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण को गोपाल बाबू गोस्वामी लिजेंड्री सिंगर अवार्ड से नवाजा जाएगा। यह पुरस्कार इन दोनों ही कलाकारों के उस योगदान को समर्पित हैं जो इन्होंने उत्तराखंड सिने जगत में दिया है। यंग उत्तराखंड संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि नामांकन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए एक ज्यूरी टीम का गठन किया गया,। इसमें संस्कृतिकर्मी, पत्रकार, फिल्म एवं संगीत जगत एवं से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञों ने ज्यूरी सदस्य के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिल्मों के मूल्यांकन हेतु निर्णायक मंडल
- रंगकर्मी एवं अभिनेत्री श्रीमती चंद्रा बिष्ट
- भूपेन्द्र कैथोला,पूर्व निदेशक (एफटीआईआई, पुणे)
- मनोज चंदोला, रंगकर्मी एवं फिल्म निर्माता-निर्देशक
- जयप्रकाश पंवार ‘जेपी, लेखक, निर्देशक, फिल्म समीक्षक
- जगत किशोर गैरोला, लेखक, रंगकर्मी एवं फिल्म निर्माता-निर्देशक
- राहुल सिंह बोरा, निर्माता-निर्देशक
- मनु पंवार, पत्रकार एवं लेखक
संगीत श्रेणी के लिए निर्णायक मंडल
– सुनीता भट्ट (बेलवाल), लोकगायिका
– वीरेन्द्र नेगी ‘राही, लोकगायक एवं संगीतकार
– आलोक मलासी, लोकगायक एवं संगीतकार
– पदमेन्द्र रावत, गायक एवं रंगकर्मी
– चारू तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी
– मनोज इष्टवाल, वरिष्ठ पत्रकार, संपादक एवं सांस्कृतिक शोधकर्ता
सर्वश्रेष्ठ फिल्म को मिलेंगे एक लाख
यंग उत्तराखंड संस्था ने बताया कि इस वर्ष जो भी फिल्म सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार अपने नाम करेगी, उसे ट्रॉफी के साथ एक लाख रुपए की सहयोग राशि भी प्रदान की जाएगी। संस्था की तरफ से जानकारी दी गई कि यह विशेष पुरस्कार राशि मनोज चंदोला द्वारा संचालित सामाजिक संस्था अभिव्यक्ति की कार्यशाला की ओर से प्रदान की जाएगी। संस्था का मानना है कि यह पहल उत्तराखंड के फिल्म निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन साबित होगी।
कौन है यंग उत्तराखंड?
यंग उत्तराखंड की स्थापना 2004 में की गई थी। उत्तराखंड में सामाजिक कार्य करने के साथ ही संस्था लगातार यहां की संस्कृति एवं फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। यंग उत्तराखंड सिने अवार्ड इसी सांस्कृतिक अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यंग सिने अवॉर्ड ही वो पहली पहल थी जिसके बैनर तले उत्तराखंडी फिल्मों एवं गीतों को बॉलीवुड की तर्ज पर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाने लगा।
अपने बाल्यकाल में खड़े होने की कोशिश कर रहे उत्तराखंडी सिनेमा के लिए यह दरअसल एक ऐसा भागीरथ प्रयास है जिससे कलाकारों को प्रोत्साहन मिलता है और कुछ अलग एवं नया करने की प्रेरणा भी। प्रेस वार्ता में संस्था के वरिष्ठ सदस्य विवेक पटवाल, के. सी. एस. रावत एवं सुभाष काण्डपाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
