देहरादून से पिथौरागढ़ पहुंचें अब सिर्फ एक घंटे में
देहरादून से पिथौरागढ़ विमान सेवा का उद्गाटन
देहरादून से पिथौरागढ़ के बीच वैसे तो कुल दूरी 500 किलोमीटर के करीब है। इस लंबे सफर को अगर आपको कार से तय करना है तो आपको करीब 10 घंटे लगेंगे। लेकिन अब आप सिर्फ एक घंटे में देहरादून से पिथौरागढ़ पहुंच जाएंगे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को यह सौगात प्रदेशवासियों को दी। मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून-पिथौरागढ़ के बीच की विमान सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अलायंस एयर की 42 सीटर विमान सेवा से दोनों शहरों के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी। अलायंस एयर की यह सेवा पहले भी चलती थी लेकिन पिछले 6 महीने से यह बंद थी। अब इसे फिर शुरू कर दिया गया है। इससे ना सिर्फ पिथौरागढ़ के निवासियों के लिए देहरादून से अपने घर तक सफर करना आसान होगा बल्कि यात्रियों के लिए भी यह एक सुविधाजनक पहल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट से विमान को रवाना किया। इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि इस विमानन सेवा को रामनवमी के पावन मौके पर शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस विमानन सेवा के शुरू होने के बाद पिथौरागढ़ और देहरादून के बीच की दूरी एक घंटे में पूरी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस हवाई सेवा से पिथौरागढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सीएम धामी ने कहा कि यह सेवा सिर्फ यात्रियों की सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि यह सेवा सामरिक दृष्टी से भी काफी महत्वपूर्ण है। सीएम धामी ने बताया कि उनकी सरकार की तरफ से पिथौरागढ़ के नैनी सैनी हवाई अड्डे को विकसित किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार 450 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। बता दें कि नैनी सैनी वही हवाई अड्डा है जिसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और उत्तराखंड सरकार के बीच एमओयू यानी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह हस्ताक्षर राज्य स्थापना दिवस (09 नवंबर, 2025) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में किए गए थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए हवाई सेवाएं मात्र परिवहन का साधन नहीं है बल्कि यह अब जीवन रेखा बन चुकी है। उन्होंने बताया कि हवाई सेवा की मदद से पहाड़ के दूरस्थ भागों से जरूरतमदों और गंभीर रोगियों को उपचार के लिए लाने में काफी सहूलियत हो रही है। उन्होंने कहा कि 2016 में शुरू हुई उड़ान सेवा ने कायाकल्प कर दिया है। सीएम धामी ने कहा कि इस योजना की मदद से छोटे शहरों, दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से ना सिर्फ जोड़ा जा रहा है बल्कि इसकी मदद से आम नागरिकों को भी सस्ती दरों पर हवाई सफर करने का मौका मिल रहा है।
सीएम धामी ने जानकारी दी कि मौजूदा समय में उत्तराखंड में 26 हवाई मार्गों पर उड़ान योजना के तहत संचालन किया जा रहा है। सीएम धामी ने उत्तराखंड सरकार की तरफ से चलाई जा रही उत्तराखंड एयर कनेक्टिविटी योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत वर्तमान में छह हवाई मार्गों पर उड़ानों का नियमित संचालन हो रहा है। उन्होंने इसके साथ ही जानकारी दी कि पिछले चार साल के भीतर प्रदेश में हेलिपोर्ट की संख्या भी बढ़ी है। पहले जहां सिर्फ दो हेलिपोर्ट थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। वहीं, हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 पहुंच चुकी है।
