वर्क फ्रॉम होम से सार्वजनिक परिवहन तक, धामी कैबिनेट के अहम फैसले
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (File Photo)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद राज्य भी सक्रिय हो गए हैं। पीएम मोदी ने 10 मई को अपील की थी कि लोग पेट्रोल-डीजल का किफायती इस्तेमाल करें। विदेश यात्राओं पर जाने से परहेज करें और सोना खरीदने से भी बचें। प्रधानमंत्री मोदी की अपील के अनुसार बुधवार यानी 13 मई को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई अहम फैसले लिए। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए कई तरह के निर्णय लिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोविड महामारी के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध और अब अमेरिका-ईरान युद्ध ने वैश्विक संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संकट की वजह से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ा है जिसकी वजह से ईंधन, तेल और ऊर्वरकों पर असर दिख रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आम नागिरकों को छोटे-छोटे कदम उठाने की अपील की है। इस वैश्विक संकट को देखते हुए हमें भी कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे। इस दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले भी धामी कैबिनेट की तरफ से लिए गए।
वर्क फ्रॉम होम
धामी कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि जब तक हालात नहीं सुधरते तब तक सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करने को बढ़ावा दिया जाएगा। प्राइवेट सेक्टर में भी वर्क फ्रॉम होम की नीति को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आम लोगों को भी सार्वजनिक परिवहन को अपनाने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री धामी ने नो व्हीकल डे की पहल भी शुरू करने का फैसला लिया है। कैबिनेट में फैसला लिया गया कि सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने का काम किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह भी फैसला लिया गया है कि जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, वे एक दिन में अधिकतम एक ही वाहन का उपयोग कर पाएंगे।
ईवी पॉलिसी
पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों के बदले इलेक्ट्रिक व्हीकल को प्रोत्साहन देने के लिए ईवी पॉलिसी लाई जाएगी। फैसला लिया गया है कि नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल होंगे। धामी सरकार ने सिर्फ ईवी वाहनों को बढ़ावा देने का फैसला नहीं लिया है बल्कि इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की बात भी कही है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और नेटवर्क को बढ़ावा देने को प्राथमिकता दी जाएगी।
सीमित होंगी विदेशी यात्राएं
धामी कैबिनेट ने फैसला लिया है कि अब से सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा। इसके साथ ही विजिट माय स्टेट पहल की शुरुआत की जाएगी। इसके आधार पर घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे। राज्य में विरासत, रीलिजियस वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
मेरा भारत–मेरा योगदान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि राज्य में मेरा भारत-मेरा योगदान अभियान भी चलाया जाएगा। मेड इन स्टेट अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में मेक इन इंडिया नियमों को कड़ाई से पालन करवाया जाएगा। साथ ही आम लोगों को एक वर्ष तक सोना सीमित मात्रा में खरीदने के लिए जागरूक किया जाएगा।
खाने के तेल की खपत घटाना
खाने की तेल की खपत घटाने के साथ ही प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खाने के तेल की खपत घटाने के लिए इसके कम इस्तेमाल पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। स्कूलों, अस्पतालों, सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा की जाएगी। और साथ ही में इसके इस्तेमाल में कमी लाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा होटल, ढाबा, स्ट्रीट फूड स्टॉल में लो-ऑइल मेन्यू को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही किसानों के बीच प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए नेचुरल फार्मिंग, जीरो बजट प्लानिंग और बायो इनपुट्स का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार प्रधानमंत्री की तरफ से की गई अपील पर अग्रसर हो रही है। आने वाले दिनों में इन फैसलों कैसे लागू किया जाता है, वो तो दिख ही जाएगा। हालांकि आम नागरिक को भी प्रधानमंत्री की अपीलों को मानना चाहिए ताकि देश वैश्विक कारणों से खड़े हुए संकट को आसानी से पार पा सके।
