‘मोहम्मद दीपक’ को नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत, नहीं रुकेगी जांच

Mohammad Deepak

मोहम्मद दीपक

एक मुस्लिम बुजुर्ग के सपोर्ट में उतरे मोहम्मद दीपक उर्फ दीपक कुमार की भले ही लोगों ने तारीफ की हो लेकिन उत्तराखंड हाईकोर्ट से उन्हें झटका लगा है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मोहम्मद दीपक को फिलहाल सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से रोक दिया है। कोर्ट ने दीपक पर हुए अलग-अलग मामलों के बारे में उन्हें सोशल मीडिया पर लिखने से रोका है।

दीपक कुमार अपने ऊपर दर्ज हुए आपराधिक मामलों को खत्म करवाने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे हुए थे। हालांकि कोर्ट ने फिलहाल दीपक की याचिका को रद्द कर दिया। साथ ही कोर्ट ने सोशल मीडिया पर इन मामलों में कुछ भी पोस्ट करने से उन्हें रोका है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा कि अगर उन्होंने इन मामलों को लेकर कुछ भी फेसबुक पर लिखा तो यह इन मामलों में चल रही पुलिस जांच को प्रभावित कर सकता है।

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया जाता है कि वह जांच में सहयोग करें। कोर्ट ने कहा कि वह भारत के नागरिक हैं और उन्हें कानून के मुताबिक चलना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि भारत देश के नागरिक होने के नाते उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए इस उम्मीद के साथ कि उनके खिलाफ चल रही जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दीपक कुमार को यह निर्देश तब दिए जब सरकार ने कोर्ट में इसको लेकर अपनी बात रखी। सरकार की तरफ से बताया गया कि मोहम्मद दीपक जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं बल्कि वह सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यस्त रह रहे हैं।

दीपक कुमार ने अपनी याचिका में कहा था कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। बल्कि इसके बदले पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दीपक ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि पुलिस को नाम बताने के बावजूद उन लोगों के खिलाफ कोई भी केस दर्ज नहीं किया गया है। दीपक ने अपनी याचिका में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल तो उठाए ही साथ ही अपने परिवार की सुरक्षा की मांग भी की।

बता दें कि इसी साल गणतंत्र दिवस के मौके पर कोटद्वार में एक घटना से दीपक कुमार लाइमलाइट में आए थे। दरअसल कुछ लोगों ने यहां पर बाबा स्कूल ड्रेस और कपड़े नाम की दुकान पर धावा बोल दिया। 30 साल से पुरानी इस दुकान के मालिक को इन लोगों ने दुकान का नाम बदलने को कहा। पूरे मामले को देखते हुए जिम ट्रेनर दीपक कुमार दुकान मालिक (जो कि बुजुर्ग थे) के बचाव में आए। जब दोनों पक्षों के बीच बहस हुई तो दीपक से उनका नाम पूछा गया। इस पर दीपक ने जवाब दिया, मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।

दीपक कुमार का यह वीडियो काफी वायरल हुआ था। उसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दीपक को घेरने की कोशिश की थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई धक्का-मुक्की को लेकर ही दीपक के खिलाफ पौड़ी गढ़वाल पुलिस ने केस दर्ज किया था। 

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