चार धाम यात्रा: घर से निकलने से पहले जान लें पूरा प्रोसेस
चार धाम यात्रा
उत्तराखंड के चार धाम यात्रा की शुरुआत होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने कहा है कि 30 मार्च से ग्रीन कार्ड बनने शुरू हो गए हैं। कमर्शियल वाहन अब ग्रीन कार्ड बना सकते हैं। अगर आपको भी ग्रीन कार्ड बनवाना है तो आप देहरादून की आशारोड़ी चेक पोस्ट, विकासनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और रुड़की एआरटीओ कार्यालय में जाकर बनवा सकते हैं। इसके साथ ही 15 अप्रैल से रुड़की की नारसन चेक पोस्ट पर ग्रीन कार्ड बनाए जाएंगे। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन से चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है। परंपरानुसार अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलेंगे। उसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे और आखिर में 23 अप्रैल को भगवान बद्री विशाल के कपाट खोले जाएंगे। वहीं, मई में 23 तारीख को पवित्र धाम हेमकुंड साहिब के कपाट खोले जाएंगे।
अब आप भी अगर इस वर्ष चार धाम यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे हैं तो ये रिपोर्ट आपके लिए है। चार धाम यात्रा श्रद्धा के लिहाज से काफी सुगम दिखती है लेकिन यहां पहुंचना कई बार उतना ही मुश्किल हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप घर से निकलने से पहले ही सारी तैयारियां कर लें। क्योंकि यहां यात्रा जितनी रोमांचकारी होती है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी रहती है। ऐसे में चार धाम यात्रा पर निकलने से पहले आपको कई चीजों का ध्यान रखना होता है।
सबसे पहले रजिस्ट्रेशन
चार धाम यात्रा की शुरुआत आपके रजिस्ट्रेशन से होती है और फिर दूसरी चीजें आती हैं। इस साल भी चार धाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। अब तक 10 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। लेकिन आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। अगर आप भी दर्शन के लिए आना चाहते हैं तो सरकार ने साफ कर दिया है कि वो सबको दर्शन करवाएगी। इसके लिए पुख्ता इंतजाम करवाए जा रहे हैं।
पहला स्टेप है कि घर में कौन-कौन चार धाम यात्रा पर जा रहा है? आप अकेले जा रहे हैं या फिर परिवार भी जा रहा है। जैसे ही आपने तय कर लिया कि यात्रा पर कितने लोग जाने वाले हैं, उसके बाद रजिस्ट्रेशन करें। रजिस्ट्रेशन आप ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों ही तरीके से कर सकते हैं। हालांकि ऑनलाइन करना ज्यादा सुविधाजनक होता है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दो तरीके हैं। एक तो आप उत्तराखंड सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट से कर सकते हैं। दूसरा तरीका, व्हाट्सऐप के माध्यम से भी है।
वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन
आप अपने मोबाइल या लैपटॉप पर registrationandtouristcare.uk.gov.in को खोलें। वेबसाइट पर रजिस्टर चार धाम एण्ड हेमकुंड ऑप्शन के नीचे आपको इंडियन पिल्ग्रिम और फॉरेन के दो विकल्प दिखेंगे। भारतीय हैं तो आपको इंडियन पिल्ग्रिम सेलेक्ट करना है। विदेशी नागरिकों के लिए फॉरेन पिल्ग्रिम का विकल्प है। इसके बाद नाम और मोबाइल नंबर भरने का ऑप्शन मिलेगा। इसे भरने के बाद नीचे तीन ऑप्शन आएंगे। पहला टूर ऑपरेटर। ये उन टूर और ट्रैवल कंपनियों के लिए है जो अपनी गाड़ी से श्रद्धालुओं को चार धाम यात्रा के दर्शन कराते हैं। आप अगर अकेले यात्रा कर रहे हैं तो आपको इंडिविजुअल सेलेक्ट करना है। आप परिवार या दोस्तों के साथ जा रहे हैं तो तीसरा विकल्प आपके लिए होता है। इसके बाद आपको साइन अप कर सारी डिटेल दर्ज करनी होती है।

एक बार आपका अकाउंट बन गया तो आपको वेबसाइट पर साइन इन करना है। साइन करने के बाद यात्रा पंजीकरण वाले विकल्प पर क्लिक करना है। अगले पेज पर आपको टूर स्टार्ट और एंड डेट भरनी है। यहां आपको वो डेट डालनी होगी जिस दिन आप उत्तराखंड स्टेट में एंटर करेंगे। एंड डेट में वो तारीख आएगी, जब उत्तराखंड से अपने गृह राज्य के लिए निकल जाएंगे। यहां पर आपको अवेलेबल स्लॉट की पूरी डिटेल मिलती है, इसी में से एक स्लॉट आपको चुनना है। यहां आपको बाकी डिटेल भी भरनी होती हैं। इसमें आप कैसे आ रहे हैं यानि कि गाड़ी से, हेलिकॉप्टर से या फिर टूर एंड ट्रैवलर से।
रजिस्ट्रेशन के वक्त आपको आपातकालीन स्थिति में संपर्क के लिए एक मोबाइल नंबर भी देना होता है। साथ ही अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो उसकी जानकारी भी यहां देना अनिवार्य होता है। सारी डिटेल भरने के बाद आपको नोटिफिकेशन आ जाएगा कि आप अपना यात्रा रजिस्ट्रेशन लेटर डाउनलोड कर सकते हैं।
व्हाट्सएप से रजिस्ट्रेशन
व्हाट्सऐप से भी आप रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए आपको इस नंबर 8394833833 को सेव करना होगा। अपने व्हाट्सएप से इस नंबर पर Yatra टाइप करके भेजना होगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इंस्ट्रक्शन को फॉलो करते रहिए और रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक हो जाएगा। यहां यह बात अवश्य ध्यान रखें कि व्हाट्सएप नंबर से आप 05 लोगों का ही रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। वहीं, वेबसाइट से 12 लोगों का रजिस्ट्रेशन एक साथ हो सकता है। रजिस्ट्रेशन के वक्त यह अवश्य ध्यान रखें कि आप दो धामों के बीच कम से कम दो दिन का अंतराल अवश्य रखें।
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन
वैसे तो रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन सबसे अच्छा विकल्प है लेकिन किसी वजह से आप नहीं कर पाए तो ऑफलाइन करने का विकल्प भी है। आम तौर पर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश में रजिस्ट्रेशन सेंटर लगाए जाते हैं। यहां पहुंचकर आप रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आपके पास आधार कार्ड और आधार कार्ड रजिस्टर मोबाइल नंबर होना चाहिए। यहां से आपको यात्रा रजिस्ट्रेशन लेटर मिल जाएगा। इस लेटर को मांगे जाने पर आपको धाम में दिखाना होता है।
रजिस्ट्रेशन के साथ ही चार धाम यात्रा तैयारी का एक पड़ाव तो अपने पार कर लिया है। अब बारी आती है दूसरे पड़ाव की जो है ट्रिप कार्ड और ग्रीन कार्ड बनवाना।ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड
ग्रीन कार्ड उन लोगों को बनाना अनिवार्य है जो टूर एण्ड ट्रैवल चलाते हैं। जो लोग अपनी गाड़ी से आ रहे हैं उनके लिए है ट्रिप कार्ड। इन दोनों ही कार्ड को आप उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट greencard.uk.gov.in पर बना सकते हैं। आप अगर अपनी गाड़ी से आ रहे हैं तो वेबसाइट पर प्राइवेट व्हीकल रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनना होगा। ट्रिप कार्ड बनाने के लिए आपको 50 रुपए की फीस भी देनी होगी। ट्रिप कार्ड के साथ ही जो ड्राइवर है, उसका हिल एन्डॉर्स्मन्ट भी होना अनिवार्य है। इसके लिए आपको greencard.uk.gov.in/HillEndorsementCheck पर जाना होगा। यहां 200 रुपए की फीस का भुगतान करना होगा। नियमानुसार इसके बाद आपको अपने आरटीओ ऑफिस जाकर एक टेस्ट देना होगा। टेस्ट में सफल होने पर आपको हिल एंड्रॉर्समेंट प्रमाणपत्र मिल जाएगा।

कैसे करें होटल और हेली बुकिंग?
रजिस्ट्रेशन एवं दूसरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बारी आती है होटल बुकिंग की। अगर आप हेली सेवा से जाना चाह रहे हैं तो उसके लिए भी आपको बुकिंग करनी होगी। चार धाम यात्रा की जो सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं वह होटल के प्राइस और हेली सेवा के नाम पर लूट की आती हैं। इनसे बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप गूगल पर दिख रही किसी भी ऐरी-गैरी वेबसाइट पर ना जाएं। होटल बुकिंग के लिए गढ़वाल मंडल विकाल निगम की वेबसाइट (https://gmvnonline.com/) है। इस साइट पर जाकर आप होटल कमरों की बुकिंग सही मूल्यों में कर सकते हैं। आप चाहें तो धाम में पहुंचकर भी होटल बुकिंग कर सकते हैं। हालांकि यहां पर होटल कमरों का किराया कई बार 10 हजार तक चला जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ज्यादा भीड़ होने के बाद कमरों का मूल्य काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

हेली सेवा की बुकिंग
चार धाम यात्रा शुरू होने के बाद सबसे ज्यादा जालसाजी हेली सेवा की बुकिंग के नाम पर ही होते हैं। जालसाजों से बचने का सबसे आसान तरीका यह जानना है कि हेली सेवा सिर्फ एक ही वेबसाइट से बुक होती है। यह बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट (www.heliyatra.irctc.co.in) से ही होती है। हेली सेवा से जाना चाहते हैं तो यहां पर रजिस्ट्रेशन आईडी या ग्रुप आइडी डालना होगा। इसके बाद आपको रजिस्ट्रेशन लेटर मिल जाएगा। हेली सेवा का प्राइस राउन्ड ट्रिप में 5-8 हजार के बीच में रहता है। पीक सीजन में प्राइस थोड़ा और ज्यादा हो सकता है।
कैसे करें चार धाम यात्रा?
चार धाम यात्रा का पूरा रास्ता काफी जटिल है। अपना पंजीकरण कराने से भी पहले एक बार चार धाम के मौसम का ब्योरा ले लें। चार धाम रूट पर मौसम कभी भी खराब हो सकता है। दूसरा चारों धाम का मौसम बहुत ठंडा है ऐसे में गर्म कपड़े साथ रखें। यमुनोत्री और केदारनाथ में ट्रैक है तो एनर्जी बार, ड्राइ फ्रूट्स, गरम पानी और इन्स्टैन्ट एनर्जी के लिए कुछ साथ लेकर आएं। सबसे जरूरी चीज अगर आप किसी भी तरह की बीमारी से ग्रसित हैं तो उसकी दवाई अपने साथ जरूर रखें। बीमारी नहीं तो भी पेन किलर और बुखार के लिए कोई दवाई साथ रखें। रेनकोट भी अपने साथ रखें। अगर आपका प्लान रात को या जल्दी सुबह ट्रैक शुरू करने का हैं तो एक टॉर्च भी अपने साथ रखें। हो सके तो जूते ट्रैकिंग वाले पहन कर आएं जो बर्फ में फिसलें ना। भारी समान एवं कीमती समान साथ ना लेकर आएं। हो सके तो छोटे बच्चों को लाने से बचें क्योंकि एक तो मौसम खराब हो जाता है और भीड़ बहुत रहती है तो ऐसे में बच्चों को परेशानी हो सकती है। धाम में आने के बाद बुखार या तबीयत खराब जैसा लगे तो ट्रैकिंग से बचें या पहले अपनी जांच करा लें।
चार धाम यात्रा का पहला पड़ाव
अगर आप पूरी चार धाम यात्रा करना चाह रहे हैं तो आपका पहला पड़ाव यमुनोत्री होगा। यमुनोत्री धाम के लिए जानकी चट्टी से पैदल यात्रा शुरू होती है। यमुनोत्री ट्रैक 6.5 किलोमीटर का है। सुबह-सुबह जब आप धाम के लिए निकलते हैं तो ज्यादा भीड़ नहीं होती लेकिन बाद में भीड़ बढ़ने लगती है। यमुनोत्री में काफी संकरा रास्ता है। ऐसे में यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ हो गई तो आपके लिए हिलना-डुलना भी मुश्किल हो जाता है। समझदारी इसी में है कि आप जल्दी दर्शन करके जल्द वापसी भी कर लें। अगर भीड़ में फंस भी जाएं तो धक्का-मुक्की करने से बचें और यहां भीड़ को मैनेज कर रहे पुलिसकर्मियों की बात जरूर मानें। यमुनोत्री से दूसरा पड़ाव है आपका गंगोत्री।

गंगोत्री धाम की यात्रा
चारों धामों में सबसे आराम से जहां आप दर्शन कर सकते हैं वह है गंगोत्री धाम। यहां आने के लिए आपको ट्रैक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप सीधे ही धाम तक गाड़ी ला सकते हैं लेकिन आपको यहां गाड़ी पार्क करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में यही सही होगा कि आप मंदिर से कुछ पहले ही गाड़ी पार्क कर लें। मौसम खराब होने की आशंका यहां भी बनी रहती है इसलिए साथ में रेनकोट या छाता जरूर रख लें। गंगोत्री के बाद तीसरा और सबसे मुश्किल धाम होगा केदारनाथ बाबा का।

केदारनाथ धाम की यात्रा
चारों धाम में सबसे ज्यादा लोग दर्शन के लिए केदारनाथ धाम पहुंचते हैं। यहां जितनी ज्यादा भीड़ होती है, उतना ही ज्यादा यहां मुश्किल ट्रैक भी है। यहीं आपको सबसे ज्यादा ध्यान भी रखना होता है। केदारनाथ जाने के लिए आप सोनप्रयाग में रुक सकते हैं। सोनप्रयाग में बहुत ज्यादा भीड़ होती है तो आप सीतापुर में भी होटल लेकर ठहर सकते हैं और पार्किंग का कुछ इंतजाम कर सकते हैं। सोनप्रयाग में पार्किंग की व्यवस्था तो है लेकिन बढ़ती भीड़ की वजह से यह जल्दी फुल हो जाते हैं। अपनी गाड़ी से आप सोनप्रयाग तक जा सकते हैं। यहां पर रजिस्ट्रेशन चेकिंग की लंबी लाइन लगती है और फिर उसके बाद गौरीकुंड तक के लिए शटल की भी लंबी चौड़ी लाइन लगती है। आप चाहें तो सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक पैदल भी जा सकते हैं। सोनप्रयाग से गौरीकुंड की दूरी करीब 5 किलोमीटर है। गौरीकुंड से बाबा केदार का 16 किलोमीटर का ट्रैक शुरू होता है।

यहां से ऊपर चढ़ते हुए आप ट्रैक के लिए लाठी जरूर ले लें। पहले तो लाठी की जरूरत नहीं महसूस होती लेकिन जैसे-जैसे आप ऊपर चढ़ते हैं तो इसकी काफी जरूरत पड़ती है। हालांकि वापस आते वक्त आप इसी लाठी को बेचने वालों को ही 50% कम रेट पर बेच सकते हैं। अगर आपको स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत है या फिर सांस लेने में परेशानी होती है तो आप ऑक्सीजन सिलेंडर भी यहां पर ले सकते हैं।
जब आप केदारनाथ धाम के ट्रैक पर जाएंगे तो आपको बार-बार प्यास लगेगी। अब ऐसा नहीं है कि पानी आपको रास्ते में नहीं मिलेगा। यहां आपको या तो एकदम ठंडा पानी मिलेगा या फिर आपको गरम पानी खरीदना होगा। रास्ते में ऊर्जा प्राप्त करने के लिए आप अपने पास एनर्जी बार, ग्लूकोज भी रख लें। अगर संभव हो तो अपने साथ एक पानी की बोतल भी रख लें। ट्रैक के दौरान थोड़ा-थोड़ा पानी ही पिएं। ट्रैक में सामान आपको बाकी जगहों से महंगा मिलेगा इसलिए जितना हो सके अपने साथ लेकर जाएं।
केदारनाथ ट्रैक पर बरतें सावधानी
केदारनाथ ट्रैक पर सिर्फ यात्री ही नहीं बल्कि घोड़े-खच्चर वाले, डंडी-कंडी वाले और सामान डोने वाले भी चलते हैं। ऐेसे में आपको बड़े ध्यान से ट्रैक पर चलना होता है। ट्रैक करते वक्त मोड़ों पर ध्यान दें। मोड़ पर अगर डंडी-कंडी या खच्चर आ रहा हो तो थोड़ा रुक जाएं। पहले उन्हें जाने दें क्योंकि कहीं जल्दबाजी के चक्कर में कोई नुकसान ना हो जाए। जैसे ही आप बाबा केदार के करीब पहुंचते हैं तो यहां बर्फ पर भी चलना पड़ेगा। ऐसे में जूतों में फिसलन हो सकती है और आप गिर सकते हैं। अगर संभव हो तो ट्रैक पर आप वॉटर प्रूफ या ट्रैकिंग शूज लेकर जाएं।
केदरानाथ धाम में कहां रूकें?
केदारनाथ धाम में यात्रियों को रात को रुकने के लिए बहुत सारे इंतजाम हैं। कोशिश यही कीजिए कि आप ऑनलाइन बुकिंग करा कर जाएं ताकि आपको कोई मुश्किल ना हो। फिर भी अगर आपने ऑनलाइन बुकिंग नहीं की तो यहां पर आप कैंप में रह सकते हैं। अगर आपके पास कोई कीमती सामान नहीं है तो आपको 600 से एक हजार तक में कैंप मिल जाएंगे। अगर आप मंदिर के पास ही रूम लेने का लालच छोड़ सकें तो थोड़ा मंदिर से दूर आपको कमरे कम दाम में मिल सकते हैं। यहां के कमरों में आपको बहुत ज्यादा अच्छी सुविधाएं मिलेंगी, इस उम्मीद में ना आएं। क्योंकि जितनी ज्यादा आप सुविधाओं की उम्मीद करेंगे, उतने ही ज्यादा पैसे आपको चुकाने होंगे। केदारनाथ में दर्शन के लिए भी लंबी लाइन लगी होती है तो यहां पर भी आपका अच्छा-खासा टाइम जाता है। काफी ज्यादा थकान भी होती है तो इस बात का ध्यान अवश्य रखें।
बद्रीनाथ धाम के दर्शन
गंगोत्री की तरह ही बद्रीनाथ धाम तक भी गाड़ी जाती है तो यहां आपको कोई दिक्कत नहीं होगी। यहां सिर्फ लंबा जाम आपको परेशान कर सकता है। यहां भूस्खलन होना भी काफी आम है। कई बार भूस्खलन की वजह से काफी वक्त गाड़ी में ही बिताना पड़ सकता है। इसके लिए आपको मानसिक तौर पर तैयार रहना होगा। हालांकि यह अनिवार्य नहीं है कि ऐसा होगा ही होगा लेकिन संभावनाएं बनी रहती हैं।

आखिर में एक छोटी सी बात और ध्यान रखें कि जब आप केदारनाथ ट्रैक पर होते हैं तो यहां पर कैशलेश की सुविधाम कम होती है। ऐसे में आपको रास्ते पर कुछ लेना है तो आपके पास कैश होना जरूरी है। ट्रेनिंग के दौरान खाने के लिए मूंगफली, नमकीन, चॉकलेट, बिस्कुट और ड्राई फ्रूट्स जरूर साथ रख लें। साथ ही ध्यान रखें कि आप चार धाम यात्रा पर जा रहे हैं तो इस यात्रा की मर्यादा का उल्लंघन ना करें। यहां पर कचरा ना फैलाएं और ना ही किसी भी तरह से अपने लिए और दूसरे यात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए दिक्कत पैदा करें।
