कैबिनेट विस्तार के बाद सीएम धामी ने किया विभागों का बंटवारा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अपनी कैबिनेट का विस्तार किया। दो दिन बाद मुख्यमंत्री ने इन नियुक्त किए गए मंत्रियों को उनके विभाग भी बांट दिए हैं। एक तरफ नए मंत्रियों को विभाग सौंपें गए हैं तो वहीं पुराने कई मंत्रियों से उनके विभाग छीन लिए गए हैं। विभाग बंटने के बाद नए मंत्रियों ने अपने विभागों की प्राथमिकताओं को भी तय करना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट का विस्तार किया। इसमें मुख्यमंत्री ने पांच नए विधायकों को मौका दिया। लोक भवन में खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा ने मंत्री पद की शपथ ली। इसी के साथ उत्तराखंड कैबिनेट में अब 12 मंत्री हो गए हैं। नए मंत्रियों को सीएम धामी ने अपने हिस्से के कई विभाग भी बांटे हैं।
विभागों का बंटवारा
नए मंत्री नियुक्त करने के बाद सीएम धामी ने रविवार को विभागों का बंटवारा भी कर दिया। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील एवं प्रमुख विभाग तो अपने पास ही रखे हैं लेकिन कई विभाग ऐसे हैं जिनसे उन्होंने खुद को अब मुक्त कर दिया है। इस दिशा में खजान दास के हिस्से तीन विभाग आए हैं। इसमें समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण एवं भाषा विभाग सौंपा गया है। वहीं, भरत चौधरी को ग्राम्य विकास, लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम (MSME) एवं खादी और ग्रामोद्योग सौंपा गया है। दूसरी तरफ, मदन कौशिक के हिस्से पंचायती राज, आपदा प्रबंधन, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन और जनगणना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदीप बत्रा को परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुराज और विज्ञान प्रोद्यौगिकी की जिम्मेदारी मिली है। राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन और जलागम प्रबंधन विभाग दिया गया है।
भरत चौधरी ने तय की प्राथमिकता
कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए भरत चौधरी पहली बार कैबिनेट में शामिल हुए हैं। विभाग कि जिम्मेदारी मिलते ही चौधरी ने प्राथमकिताएं भी तय कर दी हैं। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश सरकार की स्वरोजगार योजनाओं पर काम को तेज करेंगे। इस योजना के माध्यम से युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग की तरफ से कई स्वरोजगार की योजनाएं संचालित हो रही हैं। चौधरी ने कहा कि इन योजनाओं को धार देकर वह युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वह ग्राम्य विकास को रफ्तार देंगे। लखपति दीदी, महिला स्वयं सहायता समूह, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग एवं पैकेजिंग में सुधार के कारोबार को भी वह बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि उनका फोकस प्रदेश के छोटे उद्योगों पर भी होगा।
वहीं, मदन कौशिक बोले कि वह पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए काम करेंगे। इसके लिए वह पंचायत भवन विहीन पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण करेंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए पहले से तय 10 लाख रुपए की धनराशि को बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पलायन को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि जो गांव खाली हो चुके हैं, उन गांवों को आबाद करना मेरी प्राथमिकता होगी।
कैड़ा बोले कि राज्य सरकार की तरफ से जो योजनाएं चलाई जा रही हैं, उन योजनाओं का सीधा लाभ आम लोगों को मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह प्रयास करेंगे कि परिवहन निगम के कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में परिवहन निगम कि सुविधाएं नहीं हैं, वहां पर भी इस सुविधा की उपस्थिति दर्ज करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। वहीं, समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि विभाग की योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। कोशिश की जाएगी कि कोई भी जरूरतमंद पीछे ना छूटे।
विभाग बंट गए हैं और मंत्रियों ने अपनी प्राथमकिताएं भी तय कर दी हैं। अब देखना होगा कि इस सरकार के बचे एक साल के भीतर कितना काम धरातल पर उतरता है। कैसे ये मंत्री अपने विभाग की योजनाओं को मूर्त रूप देते हैं।
